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दस्तक उनकी आवाज पर

कभी कभी कमप्युटर पर ऊंगीलिया घुमाते रहों तो कुछ ऐसे लोगो से मुलाकात हो ही जाती है  की मानों उनको सुनकर जिन्दगी रस मय हो गई हो और जब उनको ध्यान से देखो और सुनों तो लगता है की कितनी आसानी से अपनें इरादोें अपनी महत्वाकांक्षाओं की गला दबाकर बड़ी सरलता से जीवन को स्विकृति दे दी हो की हाँ तुम ही सही हो जिन्दगी इसलिये तुमहें सलाम करती हूँ और वैसे भी तुम से लड़कर पार भी नहीं जाया जा सकता न....


ऐसे ही एक सरल चेहरे से इक सरल गीत से जो कभी बचपन में कजरी के रुप में सावन में सुना करता था....आज वही कजरी फेसबुक पर इक महिला से सुनने को मिला.....जी हाँ! और मन रोमाचित हो उठा..... उनको देखकर यूं लगा की वो शायद ग्वालियर से हों या फिर बनारस से......वैसे वो कहीं से भी हो लेकिन यह स्पष्ट था की उन्हों ने इस विधा का गहन अध्यन किया होगा किसी गुरू से या फिर उस मिर्जापुर के अखाड़े पर बैठ कर उन महिलाओं के साथ, जो इस कजरी में निपुड़ रही होगी....वैसे न आज कजरी है और न वो  अखाड़े जो विन्धयवासनी की गोंद में पली और बढ़ी जहाँ हर सावन गोरखपुर से लेकर ग्वालियर तक की और उससे भी आगे की महिलाये आकर कजरी गया करती थी.... लेकिन अब वहँ पर कजरी का नाम तक नहीं है......और वहाँ कुछ है तो  अखाड़ों  की जगह  लेते दूकान ,जहाँ शाम होते ही मिर्जापुर के कुछ लफ्फाजों की मोबाईल पर चलताी मिर्जापुर और उसकी गालियाँ जो इस कजरी की मां(मिर्जापुर ) को बदनाम करती है........

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एक अविष्कार कैसे किसी समाज को संवेदन रहित बना सकता है इसका प्रमाण गुजरात की कोचिंग में लगे आग नेे स्पष्ट कर दिया......वैसे यह संवेदनहिनता आज की बात नहीॆ है.....यदि याद हो तो कुछ समय पहले एक तश्विर   केेविन कार्टर द्वारा लिया गया जिसमे एक बच्चे और उसके पीछे बैठे गिद्द को दिखाया गया था.....जो यह स्पष्ट कर रहा था की गिद्द बच्चे के मरने की ताक देख रहा था और इस संवेदन रहित पिक्चर के नाम पर केेविन को   पुलिट्जर    अवार्ड दिया गया था जो   अवार्ड देने और लेने वाले दोनों की संवेदना को जग जाहिर कर रहा था....कुछ ऐसा ही आज देखने को मिला जब सड़क के   लोग   और मिडीया पिक्चर बना रही थी और वह फायर ब्रिगेड का वेट कर रही थी.....यह वह भीड़ थी जो    गुजरात की कोचिंग में लगे आग की तमासा देख रही थी किसी के पास यह जुगाड़ तक न आया की इन बच्चो को बचाया केसे जाये.....यदि कार्टर की इन्टरव्यु को सुना जाये तो वो बताते हुए मिलते है कि "फोटो लेने के बाद गिद्द को भगा दिया था" लेकिन एक भी बार उनके जेहन में यह न आया की ंमेरे जाने के बाद भी गिद्द आ सकता था और शायद य...

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